राजस्थान में गैस बुकिंग का नया नियम, जानिए अब कैसे होगी बुकिंग

जयपुर. राजस्थान में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने तेल-गैस कंपनियों को गैस सिलेंडर बुकिंग के नए सिस्टम को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

राजस्थान में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने तेल-गैस कंपनियों को गैस सिलेंडर बुकिंग के नए सिस्टम को लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इस नए नियम के तहत अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक करते समय ओटीपी (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी और केवल वास्तविक उपभोक्ताओं को ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

ऑनलाइन बुकिंग पर OTP अनिवार्य
नए आदेश के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता मोबाइल एप या संबंधित तेल-गैस कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से गैस सिलेंडर बुक करता है, तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी को दर्ज करने के बाद ही बुकिंग प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। बिना वेरिफिकेशन के अब कोई भी ऑनलाइन बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।

अन्य डिजिटल माध्यमों पर भी लागू नियम
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उपभोक्ता फोन-पे, पेटीएम या अन्य यूपीआई आधारित माध्यमों से गैस बुकिंग करता है, तो वहां भी ओटीपी वेरिफिकेशन जरूरी होगा। यानी अब किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बुकिंग करने पर पहचान की पुष्टि अनिवार्य कर दी गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि इन तय माध्यमों के अलावा किसी अन्य तरीके से की गई बुकिंग मान्य नहीं होगी।

फर्जी बुकिंग पर लगेगी रोक
सरकार का कहना है कि इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य फर्जी और अनधिकृत बुकिंग को रोकना है। पहले कई मामलों में यह सामने आया था कि एजेंसी संचालक या अन्य लोग उपभोक्ताओं की जानकारी के बिना बुकिंग कर देते थे। अब ओटीपी वेरिफिकेशन लागू होने के बाद ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि हर बुकिंग के लिए उपभोक्ता की मंजूरी आवश्यक होगी।

डिलीवरी के समय भी DAC जरूरी
सिर्फ बुकिंग ही नहीं, बल्कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब उपभोक्ता को डिलीवरी के वक्त डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) देना अनिवार्य होगा। यह कोड कंपनी की ओर से बुकिंग के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। डिलीवरी बॉय इस कोड के जरिए ही सिलेंडर की डिलीवरी को कन्फर्म करेगा।

रिकॉर्ड में दर्ज होगा DAC
नई व्यवस्था के तहत डिलीवरी बॉय को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ता की पासबुक या गैस डायरी में DAC को अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इससे डिलीवरी का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में इसका उपयोग किया जा सकेगा।

सप्लाई व्यवस्था सुधारने की पहल
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने यह कदम देश में रसोई गैस की सप्लाई में आ रही दिक्कतों और किल्लत को ध्यान में रखते हुए उठाया है। विभाग का मानना है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद गैस वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो जाएगी।

उपभोक्ताओं को क्या करना होगा
नए नियम के तहत उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में सही तरीके से रजिस्टर्ड हो। बुकिंग के समय प्राप्त ओटीपी को सुरक्षित रखना होगा और डिलीवरी के समय प्राप्त DAC को डिलीवरी बॉय को देना होगा। इन प्रक्रियाओं का पालन किए बिना अब गैस बुकिंग और डिलीवरी संभव नहीं होगी।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर
कुल मिलाकर, राजस्थान सरकार का यह कदम गैस बुकिंग और वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे जहां उपभोक्ताओं को सही समय पर गैस उपलब्ध होने में मदद मिलेगी, वहीं अनियमितताओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

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